पेड़ “यही कि हमें मत काटो, हमें काटकर अपने पैरों पर क्यों कुल्हाड़ी मारते हो?” पेड़ “यही कि हमें मत काटो, हमें काटकर अपने पैरों पर क्यों कुल्हाड़ी मारते हो?”
पत्ते भी निखर रहे हैं शुद्ध हवा के साथ। पत्ते भी निखर रहे हैं शुद्ध हवा के साथ।
पतझड़ के पंछी तो अक्सर उड़ ही जाते हैं! पतझड़ के पंछी तो अक्सर उड़ ही जाते हैं!
फिर पकवानों पर भी तो हाथ साफ करना है।" हंसते हुए रमन रसोई घर में घुस गया। फिर पकवानों पर भी तो हाथ साफ करना है।" हंसते हुए रमन रसोई घर में घुस गया।
हे प्रभु ! इस कोरोना वायरस से विश्व की रक्षा करो। हे प्रभु ! इस कोरोना वायरस से विश्व की रक्षा करो।
इश्क़ को पाने के लिए अगर आपमें पागलपन है तो ये गलत है क्योंकि वो पागलपन अपनी मंजिल को प इश्क़ को पाने के लिए अगर आपमें पागलपन है तो ये गलत है क्योंकि वो पागलपन अपनी मंजि...